Friday, October 11, 2013

सचिन सर जी !!

कल रात को टीम इण्डिया और ऑस्ट्रेलिया के
बीच हो रहे T20 मैच को देख रहा था।
ओवर ख़त्म होने के बाद ब्रेक आया तो मैंने अपने
टीवी का चैनल स्विच किया और अपना पसंदीदा न्यूज़ चैनल लगाया उस पर भी ब्रेक
चल रहा था, लेकिन टीवी स्क्रीन
के नीचे चल रहे ब्रेकिंग न्यूज़ पङ कर मुझे एक
बहुत ज़ोर का झटका उससे भी ज़ोर
से लगा।

न्यूज़ यह थी कि हर दिल अज़ीज़  सचिन सर
जी विंडीज़ के ख़िलाफ खेले जाने
वाले अपने 200वे टेस्ट के बाद क्रिकेट
को अलविदा कहेगे। ये ख़बर पङ कर मैं
थोङा भावुक हो गया और सर जी का चैंपियन
ट्रॉफी के फाइनल मे वॉटसन की गेंद पर
खेला गया क्रिकेट का मेरा सबसे पसंदीदा शॉट
कवर ड्राइव मेरी आँखों के सामने आ गया। जिसने कवर और एक्सट्रा कवर पर खङे
फील्डर को हिलने का भी मौका नही दिया
था। उस शॉट को देख कर ऐसा लगा था मानो सर
जी ने यह शॉट ख़ेल उन लोगों को जवाब
दिया है, जिन्हे सर जी के रिटायरमेंट की बात किये
बिना उनका ख़ाना हज़म नही होता।

आख़िर क्रिकेट का ये भगवान, क्रिकेट के उन
फ़ालतू पण्डितों के दवाब में आ गया जिन्होंने ख़ुद तो कभी किसी को अपने ख़ेल से प्रभावित किया नहीं, लेकिन अब टीवी चैनलों पर बैठ कर फ़ालतू की बकबक करते ह,ैं और सचिन के बारे में बोलते हैं कि उनका फुटवर्क काम नही कर रहा। और सर
जी को सलाह देते हैं कि यही सही समय है
क्रिकेट को अलविदा कहने का। ख़ैर अब सर सचिन रमेश तेंदुलकर ने संन्यास का
फ़ैसला कर लिया है और मैं उनके हर फ़ैसले की बहुत इज़्ज़त करता हूँ। लेकिन मैं
उन पण्डितों से पूछना चाहुँगा कि अब वोह अपने घर का ख़र्च कैसे चलायेंगे?

यूँ तो मैं ख़ुद एक वॉलर था या यह
कहना ज़्यादा बेहतर होगा कि मुझे
बल्लेबाज़ी करने से ज़्यादा मज़ा गेंदबाज़ी करने में
आता था। लेकिन 2009 के
बाद से चीक़ू और सचिन सर की बल्लेबाज़ी देखकर मुझे भी बल्लेबाज़ी करनी अच्छी
लगने लगी और अब पहले से क़ाफी बेहतर बैटिंग
करने लगा हूँ। वैसे कवर ड्राइव तो पहले भी अच्छे से ख़ेलता था, लेकिन सर जी को कॉपी करके अब स्विप शॉट भी अच्छा ख़ेलने लगा हूँ। शुक्रिया!! सर जी मुझे क्रिकेट का एक नज़ाक़ती शॉट स्विप सिखाने के लिये। लेकिन इस अज़ीम ख़िलाङी के दिखने में एक बेहद ख़ूबसूरत शॉट
पुल को जोकि मेरा कज़िन ब्रदर बिलकुल
उसी अन्दाज़ में खेलता है, बहुत कोशिश के
बाद भी नही खेलना आया। लेकिन मैं कोशिश
जारी रखुँगा।

रात को जब सोने के लिये लेटा तो मुझे सचिन
पा जी के कुछ शॉट याद आये और
मैं सोचने लगा कि आखिर कौन सा शॉट
ज़्यादा ख़ूबसूरत था?
ब्रेट ली की शॉर्ट पिच बॉल पर पुल शॉट, शोऐब
अख़तर की बॉल पर अपर कट,
मैक़्ग्रा की बॉल पर स्टेट ड्राइव, शेन वॉटसन
की बॉल पर कवर ड्राइव, शेन वार्न
की बॉल स्विप शॉट, विनय कुमार की बॉल पर
हेलिकॉप्टर शाट, मुरलीधरन की बॉल पर
लेट कट, व़क़ार की बॉल पर बैकफुट पर
खेला स्क्वॉयर कट, मेरी ख़ुशक़िस्मती से
लाइव देख़ा हुआ सैमी की बॉल पर लेग ग्लांस
या तमाम वोह शॉट जो मैंने अब उनके
बल्ले से निकलते हुऐ देख़े? कोई एक शॉट चूज़
करना नामुमकिन सा है। आप भी सोंच
कर देखिये शायद आपका जवाब भी मुझसे इत्तेफाक़ रखता हुआ होगा।

इस अज़ीम ख़िलाङी का 24 साल तक मुल्क़
को इज़्जत, क्रिकेट को शोहरत और
तमाम दुनिया के वाशिंदों की ख़ातिर मदारत के लिये तह दिल से शुक्रिया और
क्रिकेट के बिना उनके मुस्तक़विल के लिये बहुत-बहुत मुब़ारकबाद।

इस अज़ीम ख़िलाङी की शान में बहुत
नाक़ाफी सा लिख़ा है। इन्शा अल्लाह और
कभी भी कुछ लिख़ुँगा। चलता हूँ ग़लतियाँ गिनाते
रहिये।

आपका
ज़ीशान अली !!

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